वन्दना Vandana माता शारदा मेरे कण्ठ करो प्रवेश

वन्दना Vandana

वन्दना Vandana

प्रथमे गुरु वन्दना कराँ फिर मनावां गणेश सिमरां माता शारदा मेरे कण्ठ करो प्रवेश॥ जय-जय मां॥

आनंदी आनन्द करो काली करो कल्याण आठ पहर चोसठ घड़ी दे चरणा दा ध्यान॥ जय-जय मां॥

ऊंचा भवन रंगिलड़ा चारों दिशा पहाड़ संत खड़े दरबार में बोले जय-जयकार ॥ जय-जय मां॥

सदा भवानी दायिनी, गौरी पुत्र गणेश त्रि देव रक्षा करे ब्रह्मा, विष्णु महेश ॥ जय-जय मां॥

पीपल पूजन मैं चली गुरु अपने के साथ पीपल पूजे हरी मिले, एक पंथ दो काज ॥ जय-जय मां॥

बेड़ा मेरा विच समुंदर थर-थर कांपे शरीर जे तू पार लगावड़ा, भेज लौकड़ा वीर ॥ जय-जय मां॥

जिन के हाथ निशान हैं उन अटकाने कौन राखण वाली ज्वाल पा ओनू मारण वाला कौन ॥ जय-जय मां॥

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