तुझ में राम मुझ में राम Tujh Mein Ram Mujh Mein Ram

तुझ में राम मुझ में राम Tujh Mein Ram Mujh Mein Ram

तुझ में राम मुझ में राम Tujh Mein Ram Mujh Mein Ram

तुझ में राम मुझ में राम, सबमें राम समाया,

सबसे कर लो प्यार जगत में, कोई नहीं पराया,

जीतने हैं संसार के प्राणी सब मेंइक ज्योति,

एक बाग के पुष्प हैं सारे एक माला के मोती,

नां जाने किस कारीगर ने एक मिट्टी का बनाया॥ सबसे कर लो प्यार….

एक बाप के बेटे सारे, एक हमारी माता,

दाना पानी देने वाला, एक हमारा दाता,

नां जाने किस मूर्ख ने है लड़ना हमें सिखाया॥ सबसे कर लो प्यार….

जात पात और उंच-नीच की दीवारों को तोड़ो,

बदला जमाना तुम भी बदलो बुरी आदतें छोड़ो,

जागो और जगाओ सबको समय है ऐसा आया,

सबसे कर लो प्यार जगत में कोई नही पराया,

तुझ में राम मुझ में राम, सबमें राम समाया,

सबसे कर लो प्यार जगत में, कोई नहीं पराया॥

Leave a Reply