Short Hindi Essay on My Mother मेरी माँ पर निबंध Mother Day Speech Hindi

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Short paragraph on Mother: माँ शब्द की कोई परिभाषा नहीं है यह शब्द अपने आप मे पूरा है और किसी भी तरह की परिभाषा की जरूरत भी नहीं है | असहनीय शारीरिक पीड़ा के बाद बच्चे को जन्म देने वाली माँ को भगवान् का दर्जा दिया जाता है क्योकि माँ जननी है एवं भगवान् ने माँ के द्वारा की पूरी सृष्टि की रचना की है | पहले तो माँ बच्चे को जन्म देती है और फिर अपने कष्टों को भूल कर बच्चे का पूरा पालन पोषण करती है | माँ हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है क्योकि मां हमारी प्रथम पाठशाला होने के साथ साथ एक अच्छी शिक्षक व् दोस्त भी होती है और बच्चे को सही राह दिखाती है | Click here to download PDF 

essay on mother in hindi

Mother Essay

माँ अपने बच्चे की पसंद-नापसंद को सबसे बेहतर समझती है एवं बच्चे को सही गलत में अंतर करना सिखाती है | इस संसार मे माँ की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती क्योकि बच्चे को पालने के लिए माँ के जितना स्नेह, त्याग व् अनुशाशन कोई और नहीं कर सकता | समाज और देश के लिए हमारी जिम्मेदारियों सही मायनों में माँ सिखाती है माँ ही बच्चों को नई-नई बातें सिखाती है और सही सीख के साथ आगे बढ़ना भी सिखाती है | मां हमारे विश्वास को बढ़ाते हुए हमे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है ताकि हम जीवन में पीछे ना रह जाए | सभी बच्चे बड़े होने पर अपने स्तर पर माँ और उनके जीवन को अलग अलग पहचान व् महत्व देते है लेकिन माँ तो बिना किसी पहचान या किसी और लालच के अपने बच्चो के लिए कष्ट व् पताडना को सहती हुई पालन पोषण करती है | 

हम कही भी हो माँ का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहता है | मां के आशीर्वाद के बगैर रहना कि कल्पना से परे है | खुशी छोटी हो या बड़ी वह हमेशा दिल से हमारे साथ बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है क्योकि मां के लिए हमारी खुशी ज्यादा मायने रखती है | माँ के सच्चे प्यार को इस दुनिया की किसी और चीज से तुलना करना सूरज के सामने दिया जलाने जैसा है | माँ बिना किसी लालच के अपने बच्चे को प्यार करती है और अगर माँ अपने बच्चे से कुछ चाहती है तो केवल प्यार और कुछ नहीं | हमारे लिए हमारी माँ सबसे अच्छी खाना बनाने वाली, सबसे अच्छी बाते करने वाली, सबसे अच्छा सोचने वाली और सारे दुखो के सामने पहाड़ के जैसे खड़े होने वाली है लेकिन माँ जरूरत पड़ने पर बच्चे को प्यार के आलावा डाँटना भी जानती है वो भी केवल अपने बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए | मां धरती पर भगवान का दूसरा रुप है हमारे सारे दुख लेकर हमें प्यार देती है अच्छा इंसान बनाती है | 

वैसे तो माँ के इस प्यार को किसी भी एक दिन मे बांधना मुश्किल है लेकिन फिर भी मदर डे मनाया जाता है जिससे की बच्चा, मां को वह प्यार और सम्मान दे सके इसकी वह हकदार हैं | भारत मे मदर डे हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है जिससे बच्चे एक दिन पूरी तरह से अपने सारे काम भूल कर अपनी माँ के साथ समय बिता सके और उनका ध्यान रख सके | आज की भाग दौड़ के जीवन मे हमने अपनी दूसरी परेशानियों या खुशियों को अपनी माँ से ज्यादा प्राथमिकता देते है और दूसरी बातो की वजह से हम अपनी जननी को नज़र अंदाज़ कर देते है | हम यहाँ पर यह कहना चाहेंगे की आप mother day मनाये या न मनाये लेकिन अपनी जननी को कभी न भूले क्योकि उनके किये गए अहसान को आप कभी नहीं चूका सकते इसलिए आप अपनी दुःख और खुशियों मे कही पर भी हो लेकिन अपनी माँ को मत भूलना और उनको अकेले मत छोड़ना | 

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