पिता पर कविता Hindi Poem on Papa Heart touching Happy Father Day

Mere Pyare Papa : Poem on Father Day Special

मेरे प्यारे पापा

आज भी याद है बचपन के वो पल ,

जहाँ आँखों मे सपने और न ही दिलो मे छल था |
जहाँ पापा ने ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया,
वहीं उन्हीं के दिये आत्मविश्वास ने,
गिरते से भी उठना सिखाया |
हाथो मे बैग लेकर स्कूल जाना,
और अपनी मीठी-मीठी बातों से सबको लुभाना |
वहीं घर आकर पापा को रिझाना,
और प्यार से उनका, गले से मुझे लगाना |

कभी माँ की डॉट से पापा के पीछे छिप जाना,
तो खुद उनकी डॉट सहकर मुझे माँ से बचाना |
होली दिवाली पर अपने कपड़े भूल कर हमको नए कपडे दिलाना,
और खिलोनों की फरमाइश पर अपनी सेविंग से पैसे जुटाना |
जहाँ माँ ने संस्कारो मे रहना सिखाया,
वहीं पापा ने मुश्किलों से लड़ना सिखाया |
वो मेरा पापा से बार बार ऐसे वैसे प्रश्न पूछे जाना,
और मेरी नटखट बातो पर पापा का खिलखिलाकर हंस जाना |
लोग कहते है बेटी माँ का साया होती है,
पर जरुरी तो नहीं, वो हमेशा माँ जैसे ही होती है |
अगर बेटी माँ का साया होती है,
तो वहीं बेटी पापा की भी परछाई होती है |
जो अपनी सारी फ़र्माइशों को पापा से करती है
अपनी बात कहने से कभी ना डरती है ||
एेसी ही बेटियाँ पापा की राजकुमारियाँ होती है,
जो हमेशा उनकी सासों में बसती है..||

आज भी याद है बचपन के वो पल…..

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10 Comments

  1. Sawani chandel June 17, 2017
  2. P K SINGH June 17, 2017
  3. Neha Thakur June 17, 2017
  4. Sawani chandel June 17, 2017
  5. Priya June 17, 2017
  6. Mamta June 17, 2017
  7. Vikas June 17, 2017
  8. Vikas June 17, 2017
  9. P K SINGH June 18, 2017
  10. Trinkal patidar June 18, 2017

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