मुकुट सिर मोर का Mukut Sir Mor Ka Mere Chit Chor Ka Lyrics Hindi

मुकुट सिर मोर का Mukut Sir Mor Ka Mere Chit Chor Ka Lyrics in Hindi

 मुकुट सिर मोर का
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का-2
दो नैना करतार के, कटीले हैं कटार से-2॥
 
कमल लजायें तेरी, अँखियों को देख के।
झूमें घटाये तेरे, कजरे की रेख पे।
मुखड़ा निहार के, चाँद गये हार के ॥1॥
क़ुरबान जाउ तेरी बांकी अदाओं पे-2
 
मेरे पास आजा तुझे, भरलूँ में बांहों में।
जमाने को बिसार के, दिलों जां तुझपे वार के ॥2॥
रमण बिहारी नहीं तुलना तुम्हारी-2
 
तुमसा ना पहले कोई, ना होगा अगारी।

दिवानों ने विचार के, कहा यूं पुकार के ॥3॥

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