मुझे मिला रंगीला यार Mujhe Mila Rangeela Yar

मुझे मिला रंगीला यार Mujhe Mila Rangeela Yar

मुझे मिला रंगीला यार Mujhe Mila Rangeela Yar

मुझे मिला रंगीला यार ब्रिज की गलियों में

गलियों में भई कुंजन में, मुझे मिला……

जन्म-जन्म से ढूंढ रही थी, दर-दर मैं तो खोज रही थी

मुझे मिल गया मेरा भवतार, ब्रिज की गलियों में

मुझे मिल गया नन्द कुमार, ब्रिज की गलियों में, मुझे मिला…..

मो ते कहे इत आओ री सजनी, बीच डगर मोरी बांह पकड़ ली

मोहे ले गयो कुंज बाजार, ब्रिज की गलियों में

मैं तो हो गई शर्मोशार ब्रिज की गलियों में, मुझे मिला…..

मैंने उस दिन क्या नहीं पाया, कोई भी समझ नहीं पाया

मेरा बसा दिव्य संसार ब्रिज की गलियों में, मुझे मिला…….

कैसे कहूँ री मो पे क्या-क्या गुजरी, मन मोहन की मैं हो गई भंवरी

मेरे नैना हो गये चार ब्रिज की गलियों में

गलियों में भई कुंजन में, मुझे मिला……

कार की गति कारो ही जाने, देखे बिना मन एक ना माने

मैं तो लूट गई बीच बाज़ार, ब्रिज की गलियों में

मिल गया मिल गया मिल गया जी

मुझे मिला अनोखा प्यार ब्रिज की गलियों में।

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