मेरी माँ कविता Mother Poem in Hindi Meri Maa poem in hindi Mother Day

मेरी माँ कविता Mother Poem in Hindi :  Mother Day Special

मेरी माँ कविता Mother Poem in Hindi

मेरी माँ कविता

माँ से सुन्दर कोई प्रतिमा नहीं है,

उसके बगैर कोई दुनिया नहीं है |
माँ, तूने ही तो बढ़ाया है, इस संसार को
तेरी किसी से तुलना नहीं है |
तेरे ही कदमो मे जन्नत,
तेरे ही कदमो मे स्वर्ग है |
माँ तेरी मधुर वाणी सा जैसा,
दूसरा न कोई स्वर है |

जो ठुकरा देते है माँ के असीम प्यार को,
उन लोगो का तो पूरा, जीवन ही नरक है |
जिस बेटी को तूने सिखाया आँखों मे सपने देखना,

उसी बेटी की आँखों मे नहीं चाहती,
आँसू को कभी देखना |
जिस बेटी के खिलखिलाने पर खुद भी हंस जाती है,
पर जब बेटी उदास होती है, तो खुद भी सहम जाती है |
मुझे पढ़ाने के लिए, तूने अपना सब कुछ छोड़ा,
मेरी खुशियों की खातिर, अपने सपनो को भी तोडा |
फूलों से नाजुक है जिसकी काया,
जो मुझे कहती है अपना साया | 

“माँ” समझ मे नहीं आता, कैसे दूँ तुझे धन्यवाद
जो तूने बड़ी शिददतो से मुझे पाला |
आज खुदा से करुँगी इतनी विनती,
की मुझे जन्म देना, तेरी ही कोख मे हर बार |
तेरी ही कोख मे हर बार …..|

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17 Comments

  1. Vikas June 16, 2017
  2. Harsh June 16, 2017
  3. SAVINAY CHANDEL June 17, 2017
  4. Jyoti panwar June 17, 2017
  5. Divya mahla June 17, 2017
  6. SONU SHARMA June 17, 2017
  7. Sawani chandel June 17, 2017
  8. pankaj June 17, 2017
  9. Mamta meena June 17, 2017
  10. Neha Thakur June 17, 2017
  11. Priya June 17, 2017
  12. P K SINGH June 17, 2017
  13. HEMANT KUMAR YOGI June 17, 2017
  14. nikhil khinchi June 17, 2017
  15. Poonam June 17, 2017
  16. mohan saini June 18, 2017
  17. Himalaya Gupta June 18, 2017

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