मैया री मैया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे Maiya Ri Maiya Ek Khilona Chota Sa Dilwa De

 मैया री मैया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे Maiya Ri Maiya Ek Khilona Chota Sa Dilwa De

मैया री मैया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे Maiya Ri Maiya Ek Khilona Chota Sa Dilwa De

मैया री मैया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे ।

चाबी भरके छोड़ूँ तो वो, एक ही रतन लगा दे ॥

बो बोले श्याम श्याम श्याम ……

ना मैं चाहूँ हाथी घोडा न कोई बाजे वाला ।

मुझको तो बस आज दिला दे मोहन मुरली बाला ।

बटन दबाते ही वो झट से, मुरली मधुर बजा दे ।

चाबी भरके छोड़ूँ……….

मोर मुकुट हो प्यारा-प्यारा मेरे मन बस जाये ।

जो धुन मुरली की सुन ले वो, मस्ती में खो जाये ।

पग में पायल छम-छम बाजे, सबको नाच नचा दे ।

चाबी भरके छोड़ूँ……….

नयनों से हो अमृत वर्षा, मंद मंद मुसकाये ।

ठुमक-ठुमक जब चाले चले, मन मतवाला हो जाये ।

एक बूंद उस अमृत रस की, मैया मुझको पीला दे ।

चाबी भरके छोड़ूँ……….

“श्याम सुंदर” मुरली वाले को, अपना आज बना लूं ।

‘मातृ दत्त यदि मिले खिलौना, सोया भाग्य जगा लूं ।

देर करो मत सुन मेरी मैया, जल्दी से दिलवा दे ।

चाबी भरके छोड़ूँ……….

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