हिंदी मात्रा शब्द-Learn hindi matras words with examples

Sentence and Hindi Rhyme with AA Matra Words Shabd

काला काला आया बादल |
समान पर छाया बादल |
शा आओ, कमला आओ |
अपना अपना कागज़ लाओ |
कागज़ लाओ नाव बनाओ |
अब जल पर यह नाव चलाओ |

Sentence and Hindi Rhyme with Choti EE Matra Words Shabd

 
निकल गया दिन आई चिड़िया,
आई, पर शरमाई चिड़िआ,
उड़कर चिड़िया किधर गई,
इधर गई या उधर गई,
आओ आओ चिड़िया आओ,
दाल का दाना खाकर जाओ|

Sentence and Hindi Rhyme with Badi EE Matra Words Shabd

एक था राजा, एक थी रानी,
नानी की थी यही कहानी,
राजा की थी पगड़ी नीली
रानी की थी साडी पीली,
लाल परी सी गाती रानी,
सबका दिल बहलाती रानी|

Sentence and Hindi Rhyme with Chote U Matra Words Shabd

निकल गया दिन गाना गाओ 
बुलबुल अब तुम मत शर्माओ 
धुर मधुर एक गीत सुनाओ 
फुदक फुदक कर नाच दिखाओ 
डलिया भरकर लाई दाना 

बुलबुल दाना खाकर जाओ |

Sentence and Hindi Rhyme with Bade U Matra Words Shabd

रामू एक मदारी आया,
काला काला भालू लाया |
दम दम डमरू बजा रहा,
काला भालू नाच रहा,
भालू नाचा झूम झूम, 
इधर उधर वह घूम घूम |

Sentence and Hindi Rhyme with ऋ / ri Matra Words Shabd

 
नृप कर रहा था शिकार,
ऋषि रहा सब कुछ निहार,
 कुटिया पास था एक वृक्ष 
पास ही था एक मृग
मृग तृण था खा रहा 
तीर नृप का वृथा गया 

Sentence and Hindi Rhyme with ए /A ki  Matra Words Shabd

हम सब खेले रेल का खेल,
तेज चलेगी गाडी मेल, 
छुक छुक करती आती रेल,
सभी सहेली देखती खेल,
रेखा सबसेगे जाए ,
सीटी बह भी तेज बताये |

Sentence and Hindi Rhyme with ऐ /ai Matra Words Shabd

 
दादाजी लाये एक गैया,
बहुत खुश हुए वैभव भैया|
बहिन शैलजा घास खिलाये,
नैना खड़ी-खड़ी मुस्काये |
गैया का दूध सबको भाता 
वैभव खुश होकर पी जाता |

 ओ /o Sentence and Hindi Rhyme with ऐ /ai Matra Words Shabd

 
दोपहर के अब बज गए दो ,
गोपाल हमको समोसे दो,
भागता भागता मनोहर आया,
गरम गरम समोसे लाया,
रोहन भोलू समोसे खाओ, 
कोमल बिटिया चाय बना|

औ /au ौSentence and Hindi Rhyme with औ / au /  ौ Matra Words Shabd

  
गौरव के थे मौसा आये,
साथ वह अपने पौधे लाये,
गौरव, मौसा गए बगीचे,
लगाये पौधे उनको सीचे, 
गौरव था अब गिनता पौधे,  
पुरे लगे थे चौबीस पौधे |

Bindi –Sentence and Hindi Rhyme with अं (ं)

 
चंचल लाया एक पतंग,
उड़ती रहती डोर के संग,
लाल हरा है इनका रंग,
पंकज देख रह गया दंग,
चंचल जब भी पेच लड़ाता, 
तंग अंकुर की काट गिराता| 

अँ (ँ) -Chandra Bindi Matra

गॉव मे साँवरिया था एक,
उसके खेत मे पेड़ अनेक, 
उस पर बैठी थी पांच चिड़ियाँ,
आसपास लहराती थी बालियाँ
बालियों से निकल एक साँप  
ऊँट देखकर भाग गया साँप