भक्तों के घर भी सांवरे Bhakto Ke Ghar Bhi Sanware Aate Raha Karo

भक्तों के घर भी सांवरे Bhakto Ke Ghar Bhi Sanware Aate Raha Karo

भक्तों के घर भी सांवरे
भक्तों के घर भी सांवरे, आते रहा करो।
दर्शन को नैना बाँवरे, दर्शन दिया करो॥
 
सूरत सलोनी आपकी, आँखों में बस गई।
ऐसी झलक मिली हमें, दीवाना कर गई।
बढ़ती रहे दीवानगी, ऐसी कृपा करो॥ भक्तों के घर भी सांवरे…
 
कहते है प्रेम से प्रभु, छिलके भी खा गये।
चावल सुदामा विप्र के, गिरिधर को भा गये।
भीलनी के झूठे बेर भी, खाते रहा करो॥ भक्तों के घर भी सांवरे…
 
कुछ ना घटेगा आपका, आकर तो देखिये।
पलकें बिछाई राह में, मोहन तेरे लिये।  
खाली पड़ा है दिल मेरा, इसमें रहा करो॥ भक्तों के घर भी सांवरे…
 
भक्तों की शान आप हो, भक्तों का मान हो।
भक्तों की जिंदगी तुम्हीं तन मन हो प्राण हो।
तेरे ही नाम की हमें, मस्ती दिया करो॥ भक्तों के घर भी सांवरे…
 
माना तुम्हारे चाहने वाले अनेक हैं।
उन पागलों की भीड़ में, दर्शी भी एक है।
तेरी दया का पात्र हूँ, मुझ पर दया करो॥ भक्तों के घर भी सांवरे…

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